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चर्चा » Charchaa » Blog Archive » बुल्गारिया मे 7000 वर्ष प्राचीन स्वास्तिक

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बुल्गारिया मे 7000 वर्ष प्राचीन स्वास्तिक


बुल्गारिया मे 7000 वर्ष प्राचीन स्वास्तिक चिन्ह मिले हैं| हैं ना आश्चर्यजनक!

स्वस्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल-प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्व अंकित करके उसका पूजन किया जाता है। स्वस्तिक शब्द सु+अस+क से बना है। ‘सु’ का अर्थ अच्छा, ‘अस’ का अर्थ ‘सत्ता’ या ‘अस्तित्व’ और ‘क’ का अर्थ ‘कर्त्ता’ या करने वाले से है। इस प्रकार ‘स्वस्तिक’ शब्द का अर्थ हुआ ‘अच्छा’ या ‘मंगल’ करने वाला।

स्वस्तिक में एक दूसरे को काटती हुई दो सीधी रेखाएँ होती हैं, जो आगे चलकर मुड़ जाती हैं। इसके बाद भी ये रेखाएँ अपने सिरों पर थोड़ी और आगे की तरफ मुड़ी होती हैं।

स्वस्तिक की यह आकृति दो प्रकार की हो सकती है। प्रथम स्वस्तिक, जिसमें रेखाएँ आगे की ओर इंगित करती हुई हमारे दायीं ओर मुड़ती हैं। इसे ‘स्वस्तिक’ (卐) कहते हैं। दूसरी आकृति में रेखाएँ पीछे की ओर संकेत करती हुई हमारे बायीं ओर मुड़ती हैं। इसे ‘वामावर्त स्वस्तिक’ (卍) कहते हैं। जर्मनी के हिटलर के ध्वज में यही ‘वामावर्त स्वस्तिक’ अंकित था।

लेकिन यही स्वास्तिक, यदि हम कहें कि बुल्गारिया में 7000 वर्ष पहले इस्तेमाल होता था, तो आपको आश्चर्य होगा| लेकिन यह सत्य है|



उत्तर-पश्चिमी बुल्गारिया के Vratsa नगर के संग्रहालय मे चल रही एक प्रदर्शनी मे 7000 वर्ष प्राचीन कुछ मिट्टी की कलाकृतियां रखी हई हैं जिसपर स्वास्तिक (卍) का चिन्ह बना है| Vratsa शहर के ही निकट Altimir नामक गाँव के एक धार्मिक यज्ञ कुण्ड के खुदाई के समय ये कलाकृतियाँ मिली थी| निस्सन्देह यह चिन्ह पाषाण और ताँबा युग के पहले के है और हिटलर से किसी भी प्रकार सम्बन्धित नहीं है|

भारत मे स्वास्तिक चिन्ह का प्रयोग नियोलिथिक काल (Neolithic period) से ही होता रहा है| हालांकि यह पूरे विश्व मे किसी न किसी रूप मे प्रयुक्त होता रहा है, लेकिन हिन्दू और बौद्ध धर्म मे इसका धार्मिक महत्व बहुत है|

संदर्भ:

http://www.balkantravellers.com/en/read/article/1975

http://en.wikipedia.org/wiki/Swastika

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5 Responses to “बुल्गारिया मे 7000 वर्ष प्राचीन स्वास्तिक”

  1. avatar naveen says:

    it’s very good news about Hinduism and its proved Hinduism is a ist religion of earth

  2. avatar drshyamgupta says:

    सत्य है, यही तो प्रमाण है कि सभ्यता भारत में जन्मी एवम विश्व भर में फ़ैली .मेरे विचार में शायद नीओलिथिक काल में यह समस्त भू भाग वोत्सवाना-लेन्ड के नाम से जाना जाता था, और विशाल आर्यावर्त का भाग,

  3. avatar perfectvinay says:

    this post really informative and it’s nice thing about Hinduism…

  4. avatar Atulyya says:

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