हार्दिक स्वागत है आपका चर्चा मंच पर। यह मंच समर्पित है भारत चर्चा को।
भारत से सम्बन्धित किसी भी विषय पर आपके विचार चर्चा के लिये आमन्त्रित
हैं। भारत विश्व की सर्वाधिक धनी और प्राचीन सभ्यता का स्थान है, जिसका
अस्तित्व सदियो तक रहा है, तथा जिसके प्रमाण हमे आज भी मिलते हैं। प्राचीन
भारत को विश्व ज्ञान गुरु कहा जाता है। गणित और विज्ञान की कई विधाओं की
जन्म-स्थली है यह भूमि। इस मंच पर आप भारत के स्वर्णिम इतिहास के बारे मे
अपने विचार रख सकते हैं। भारत तो अनगिनत विविधताओ से भरा देश है। इसे
पूर्णतः जानना तो असंभव प्रतीत होता है, परन्तु एक प्रयास तो हम कर ही
सकते हैं। हमारे इस प्रयास मे अपना योगदान दीजिए।
June 20th, 2009 | Posted by रवि प्रकाश | 5 Comments »
कहा जाता है कि बीता हुआ समय वापस नही आता| लेकिन भारतीय समय व्यवस्था मे बीता युग जरुर वापस आता है| हिन्दू ग्रन्थो मे समय की अवधारणा रैखिक नही वरन् चक्रीय है। एक पूर्ण समय चक्र को कल्प कहा गया। प्रत्येक कल्प मे एक हज़ार महायुगो तथा प्रत्येक महायुग मे चार युगो की व्यव्स्था की गयी। सर्वप्रथम सत्ययुग (अथवा कृ्तयुग), तत्पश्चात् त्रेतायुग,...
June 11th, 2009 | Posted by रवि प्रकाश | 8 Comments »
मनोज कुमार की प्रसिद्ध फिल्म (चलचित्र) का यह गीत तो सभी ने सुना होगा| भारत के गौरवगाथा को कहता यह गीत सबसे पहले ज़ीरो की महत्ता बताता है| अब यह तो सभी मानते है कि ज़ीरो (शून्य) भारत ने ही संसार को दिया| परन्तु कब? शून्य का अविष्कार कब हुआ था? कैसे इसका प्रचार सारे संसार मे हुआ? क्या केवल भारतीय ही थे जिन्हे रिक्त को व्यक्त करने का विचार...
May 31st, 2009 | Posted by रवि प्रकाश | 4 Comments »
क्या आपने वयं रक्षामः पढ़ी है? यदि नही तो जल्द ही पढिये| अदभुत् और सुन्दर पुस्तक है यह| आचार्य चतुरसेन शास्त्री द्वारा लिखी यह पुस्तक पौराणिक परिप्रेक्ष्य को नए अंदाज और व्याख्या के साथ प्रस्तुत करती है| रामायण काल के बारे मे लिखी इस पुस्तक मे रक्ष तथा यक्ष संस्कृति के आपसी टकरावों की चर्चा की गयी है| यह पुस्तक वस्तुतः एक उपन्यास...
May 30th, 2009 | Posted by रवि प्रकाश | 5 Comments »
Geometry
The Shulva Sutras explain a large number of simple geometrical constructions — constructions of squares, rectangles, parallelograms and trapezium. These and others involve the following theorems
The diagonal of a rectangle divides it into two equal parts.
The diagonals of a rectangle bisect each other and the opposite areas are equal.
The perpendicular through the vertex of an isosceles triangle on the base divides the triangle into equal halves.
A rectangle and a parallelogram on the same base and between the same parallels are equal in area.
The diagonals of a rhombus bisect each other at right angles.
The famous theorem known after the name of Pythagoras.
Properties of similar rectilinear figures.
These cover roughly the first two books and the sixth book of Euclid. How these theorems were actually obtained is a matter...
May 18th, 2009 | Posted by रवि प्रकाश | 4 Comments »
समकोण त्रिभुज प्रमेय को पाइथागोरस प्रमेय के नाम से गणित के सभी विद्यार्थी जानते है| समकोण त्रिभुज के कर्ण का वर्ग उसके अधार और लम्ब के वर्गो के योग के बराबर होता है| शुल्व सूत्रो मे बिना निष्पादन के इसकी चर्चा की गयी है| आपस्तम्ब और बोधायन के आरम्भिक कार्यो मे यह दिखायी देता है| बोधायन 74 मे कहा है “एक आयत के विकर्ण (पर बनाये गये...
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भारत अथवा विश्व मे घटित किसी भी घटना जिसका प्रभाव भारत पर पड़े,पर अपने विचार प्रस्तुत करें।
पुस्तके मनुष्य के ज्ञान को बढा़ती हैं। यदि आपने कोई पुस्तक अभी पढ़ कर समाप्त की है तो दूसरो...